हनुमान चालीसा की इस महत्वपूर्ण सातवीं चौपाई में हनुमान जी के व्यक्तित्व की विशष्टता बताते हैं। वे विद्यावान हैं, गुणी हैं, एवं अत्यंत चतुर हैं - और सबसे सुन्दर बात यह है की वे रामजी के कार्य करने के लिए अत्यंत आतुर है। वे अपनी विद्या, गुण एवं चतुरता रामजी के कार्य के लिए ही प्रयोग करते हैं। इन एक एक बिंदुओं को पूज्य स्वामीजी ने अत्यंत सुंदरता एवं सरलता से समझाया।

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